ब्रजेश ठाकुर की बेटी के खिलाफ फेमा के उल्लंघन की जांच में जुटा ईडी
मुजफ्फरपुर।
बिहार के कुख्यात बालिका गृह कांड में ताउम्र कैद की सजा काट रहे ब्रजेश ठाकुर की बेटी निकिता आनंद की संपत्ति का सुराग ढूंढ़ने में फिर से प्रवर्तन निदेशालय (ED) जुट गया है। इसके लिए ईडी ने दोबारा नगर थानेदार को पत्र भेजा है। निकिता के खिलाफ यदि कोई आपराधिक मामला दर्ज है तो उसकी भी जानकारी देने के लिए कहा है। ईडी ने एसएसपी व सिटी एसपी को भी जानकारी जुटाने के लिए कहा है।
ईडी के पटना क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक निदेशक प्रवीण कुमार झा ने पत्र में कहा है कि साहू रोड निवासी ब्रजेश ठाकुर की बेटी निकिता आनंद के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के संभावित उल्लंघन की जांच की जा रही है। थाने में निकिता आनंद खिलाफ दायर कोई एफआईआर अथवा चार्जशीट है तो उसकी सत्यापित कॉपी/रिपोर्ट ईडी निदेशालय को अविलंब भेजें।
पत्र के बाद नगर थानेदार ओमप्रकाश ने जांच शुरू कर दी है। थाने का केस रिकॉर्ड फिर से देखा जा रहा है। बता दें कि फरवरी में भी ईडी ने पत्र भेजकर निकिता आनंद की संपत्ति व आपराधिक मामले का ब्योरा मांगा था। इस संबंध में नगर थाने से रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। इसमें बताया गया था कि निकिता के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नगर थाने में नहीं है। ईडी ब्रजेश के अन्य परिजन और साहू रोड की कांति देवी का आधा दर्जन बार ब्योरा नगर थाने से मांग चुका है।
बीते माह ब्रजेश के एक रिश्तेदार की गुरुग्राम स्थित संपत्ति को ईडी ने जब्त भी किया है। करीब डेढ़ साल पूर्व ब्रजेश ठाकुर, उसकी मां, पुत्र, पत्नी के अलावा तमाम पैतृक संपत्ति को अटैच कर चुका है। उसके सभी मकान व जमीन पर निदेशालय ने नोटिस भी चिपका दी है। साहू रोड में चार मंजिला मकान व होटल पर नोटिस चिपकाया है। हालांकि, भवन पर अभी ब्रजेश ठाकुर के परिवार का ही कब्जा है। वे ही देखरेख करते हैं और होटल संचालित हो रहा है। इसके अलावा सकरा थाने के पचदही, बोचहां, मुशहरी व समस्तीपुर में ईडी ने नोटिस चिपकाया था।

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